हिन्दी दिवस २०२५
हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को ही संविधान सभा ने यह निर्णय लिया था कि हिन्दी केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। चूंकि भारत मे अधिकतर क्षेत्रों में हिन्दी भाषा बोली जाती थी, इसलिए हिन्दी को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किये।
संविधान कि आठवीं अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ सम्मिलित हैं। हिन्दी साहित्य में जिन 22 बोलियों की आप कर रहे हैं वो 22 बोलियों नही 22 भाषाएँ हैं। उन 22 भाषाओँ में :- हिन्दी, गुजराती जैसी भाषाएँ आती है। परन्तु यहाँ सिर्फ हिन्दी भाषा की बात हो रही है, जिसमे हिन्दी की पाँच उपभाषाएँ, 18 बोलियाँ हैं।
हिन्दी लचीली भाषा है।
हिंदी से उदार और लचीली भाषा पूरे विश्व में कोई नहीं है। अपने वृहद और समृद्ध शब्दकोष से इसने पूरे विश्व में अपनी सफलता और स्वीकार्यता सिद्ध की है।
पहेली: पैर नहीं है, पर चलती रहती, दोनों हाथों से अपना मुँह पोंछती रहती ।
जवाब: घड़ी
प्रश्न: मुझे रात में जागना और दिन में सोना पसंद है। मैं क्या हूँ?
उत्तर: उल्लू।
प्रश्न: क्या तोड़ना होगा, तभी आप इसका उपयोग कर सकते हैं?
उत्तर: अंडा
बोल नहीं पाती हूँ मैं,
और सुन नहीं पाती |
बिना आँखों के हूँ अंधी,
पर सबको राह दिखाती |
पुस्तक
बीच कटे तो रिश्ते का नाम |
आखिरी कटे तो सब खाए,
भारत के तीन तरफ दिखाए |
सागर
3. शुरू कटे तो कान कहलाऊँ,
बीच कटे तो मन बहलाऊँ |
परिवार की मैं करूँ सुरक्षा
बारिश, आँधी, धूप से रक्षा |
मकान
4. सोने की वह चीज है,
पर बेचे नहीं सुनार |
मोल तो ज्यादा है नहीं,
बहुत है उसका भार |
चारपाई
5. नकल उतारे सुनकर वाणी,
चुप-चुप सुने सभी की कहानी |
नील गगन है इसको भाए,
चलना क्या उड़ना भी आए |
तोता
प्रश्न: तुम मुझे काटते हो, टुकड़े करते हो, टुकड़े-टुकड़े करते हो और इस दौरान तुम रोते हो। मैं क्या हूँ?
उत्तर: एक प्याज।
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